
- यदि तेरा भाई अपराध करे तो उसे समझा, और यदि पछताए तो उसे क्षमा कर। यदि दिन भर में वह सात बार तेरा अपराध करे और सातों बार तेरे पास फिर आकर कहे, कि मैं पछताता हूं, तो उसे क्षमा कर॥
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परन्तु प्रभु तू दयालु और अनुग्रहकारी ईश्वर है,तू विलम्ब से कोप करने वाला और अति करूणामय है।