- उसने तुझ को नम्र बनाया, और भूखा भी होने दिया, फिर वह मन्ना, जिसे न तू और न तेरे पुरखा ही जानते थे, वही तुझ को खिलाया; इसलिये कि वह तुझ को सिखाए कि मनुष्य केवल रोटी ही से नहीं जीवित रहता, परन्तु जो जो वचन यहोवा के मुंह से निकलते हैं उन ही से वह जीवित रहता है।
- फिर अपने मन में यह तो विचार कर, कि जैसा कोई अपने बेटे को ताड़ना देता है वैसे ही तेरा परमेश्वर यहोवा तुझ को ताड़ना देता है।
- इसलिये अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञाओं का पालन करते हुए उसके मार्गों पर चलना, और उसका भय मानते रहना।
संबंधित विषय
कष्ट
केवल यही नहीं, वरन...
परमेश्वर का वचन
हर एक पवित्रशास्त्र परमेश्वर...
जिंदगी
यहोवा सारी विपत्ति से...
भोजन
क्योंकि वह अभिलाषी जीव...
रोटी
यीशु ने उन से...
पिता
जैसे पिता अपने बालकों...
