- लैव्यवस्था 1
- लैव्यवस्था 2
- लैव्यवस्था 3
- लैव्यवस्था 4
- लैव्यवस्था 5
- लैव्यवस्था 6
- लैव्यवस्था 7
- लैव्यवस्था 8
- लैव्यवस्था 9
- लैव्यवस्था 10
- लैव्यवस्था 11
- लैव्यवस्था 12
- लैव्यवस्था 13
- लैव्यवस्था 14
- लैव्यवस्था 15
- लैव्यवस्था 16
- लैव्यवस्था 17
- लैव्यवस्था 18
- लैव्यवस्था 19
- लैव्यवस्था 20
- लैव्यवस्था 21
- लैव्यवस्था 22
- लैव्यवस्था 23
- लैव्यवस्था 24
- लैव्यवस्था 25
- लैव्यवस्था 26
- लैव्यवस्था 27
- और तुम मेरे लिये पवित्र बने रहना; क्योंकि मैं यहोवा स्वयं पवित्र हूं, और मैं ने तुम को और देशों के लोगों से इसलिये अलग किया है कि तुम निरन्तर मेरे ही बने रहो॥
- और तुम मेरी आज्ञाओं को मानना और उनका पालन करना; मैं यहोवा हूं।
- अपने मन में एक दूसरे के प्रति बैर न रखना; अपने पड़ोसी को अवश्य डांटना नहीं, तो उसके पाप का भार तुझ को उठाना पड़ेगा। पलटा न लेना, और न अपने जाति भाइयों से बैर रखना, परन्तु एक दूसरे से अपने समान प्रेम रखना; मैं यहोवा हूं।
- यदि तुम मेरी विधियों पर चलो और मेरी आज्ञाओं को मानकर उनका पालन करो, तो मैं तुम्हारे लिये समय समय पर मेंह बरसाऊंगा, तथा भूमि अपनी उपज उपजाएगी, और मैदान के वृक्ष अपने अपने फल दिया करेंगे।
- और यदि कोई ऐसा पाप करे, कि उन कामों में से जिन्हें यहोवा ने मना किया है किसी काम को करे, तो चाहे वह उसके अनजाने में हुआ हो, तौभी वह दोषी ठहरेगा, और उसको अपने अधर्म का भार उठाना पड़ेगा।
- तुम मेरे विश्राम दिनों का पालन करना और मेरे पवित्रस्थान का भय मानना; मैं यहोवा हूं॥
- और जब वह इन बातों में से किसी भी बात में दोषी हो, तब जिस विषय में उसने पाप किया हो वह उसको मान ले।
- छ: दिन कामकाज किया जाए, पर सातवां दिन परमविश्राम का और पवित्र सभा का दिन है; उस में किसी प्रकार का कामकाज न किया जाए; वह तुम्हारे सब घरों में यहोवा का विश्राम दिन ठहरे॥
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